बुधवार, नवम्बर 29, 2023
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सुप्रीम कोर्ट से भी हेमंत सोरेन को नहीं मिली राहत, हाई कोर्ट जाने को कहा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी समन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निराश मिली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद सोरेन ने अपनी अपील वापस ले ली। सोरेन अब ईडी के समन को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।

जस्टिस अनिरुद्ध बोस और बेला एम त्रिवेदी ने कहा, ‘ऐसे मामले सीधे नहीं बल्कि हाई कोर्ट से आने चाहिए। आप हाई कोर्ट क्यों नहीं गए?’ सोरेन की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, ‘मैं हाई कोर्ट जाना चाहता हूं लेकिन कानून के कुछ ऐसे ही सवाल इस कोर्ट में भी हैं।’ ईडी के समन पर रोक लगाने की मांग के अलावा, सोरेन ने पीएमएलए अधिनियम की धारा 50 और 63 की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है।

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सोरेन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि यह पूरी तरह से प्रतिगामी मामला है। पीठ ने कहा, ‘रोहतगी जी, आप हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते? नहीं नहीं, आप हाई कोर्ट जाइये। हम आपको याचिका वापस लेने की अनुमति देंगे। आवेदन वापस लिया गया मानकर खारिज किया गया। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने तर्क दिया कि यह मामला बड़ी संख्या में निर्णयों के अंतर्गत आता है।

चौथी बार मिला हेमंत सोरेन को समन

इस बीच, ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फिर से समन भेजा है और उन्हें 23 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले, ईडी ने जमीन बिक्री मामले में मुख्यमंत्री को तीसरा समन भेजा था और उन्हें 9 सितंबर को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा था। हालांकि, मुख्यमंत्री सोरेन पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं गए और वह जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गये।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता हेमंत सोरेन से ईडी ने पिछले साल 17 नवंबर को राज्य में कथित अवैध खनन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। केंद्रीय एजेंसी रक्षा भूमि से संबंधित एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है। जिसमें माफिया, बिचौलियों और नौकरशाहों के एक समूह पर 1932 से पहले के फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप है। ईडी ने अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

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